चित्र कथा --कारू कस्बे के निकट सिंधु नदी के तट पर खड़ा लेखक। ढलते सूरज की कमजोर किरणें पूरे वातावरण को रहस्यमयी बना देती हैं।
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मंगलवार, 4 अगस्त 2009
यात्रा की चित्रकथा
चित्र कथा --कारू कस्बे के निकट सिंधु नदी के तट पर खड़ा लेखक। ढलते सूरज की कमजोर किरणें पूरे वातावरण को रहस्यमयी बना देती हैं।
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